भारत की भौगोलिक संरचना तथा भू आकृति विज्ञान - NCERT Geography Notes (Class 11) | UPSC/SSC/REET


👉भारत की भौगोलिक संरचना तथा भू आकृति विज्ञान के ये नोट्स Class 11 NCERT Geography के अनुसार तैयार किये गये है ये नोट्स न केवल छात्रो के लिए बल्कि UPSC,SSC,CTET,REET,NET, Senior Teacher  , Lecturer परीक्षाओ की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है 

पृथ्वी की आयु और प्लेट विवर्तनिकी - 

पृथ्वी की आयु:-

                    वर्तमान अनुमान के अनुसार लगभग 4.6 अरब वर्ष यानी 460 करोड़  वर्ष आंकी गयी  है।

भारतीय प्लेट का संचलन - Plate Tectonics in Hindi

  • करोड़ों वर्ष पहले इंडियन प्लेट भूमध्य रेखा से दक्षिण में  गोंडवानालैंड  का हिस्सा थी और ऑस्ट्रेलियन प्लेट से जुड़ी थी।
  • कालांतर में यह प्लेट टूटकर उत्तर दिशा में खिसकने लगी।
  • आज भी इंडियन प्लेट का उत्तर- पूर्व  की ओर खिसकना आज भी जारी है जिससे हिमालय की ऊँचाई प्रति वर्ष 5MM अर्थात प्रति 1000 वर्षो में 5 मीटर बढ़ रही है ।
  • इसी टक्कर के कारण हिमालय पर्वत और उत्तरी मैदान का निर्माण हुआ।

 भारत के भू-वैज्ञानिक विभाजन - - UPSC Notes

भू-वैज्ञानिक संरचना और शैलों की भिन्नता के आधार पर भारत को  3 प्रमुख भागों में बाँटा जाता है:-

  1. प्रायद्वीपीय खंड:- प्राचीनतम और स्थिर भूखंड
  2. हिमालय और अन्य अतिरिक्त-प्रायद्वीपीय पर्वतमालाएँ:- नवीन वलित पर्वत
  3. सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान:- नवीन जलोढ़ निक्षेप

भारत की भौगोलिक संरचना के प्रमुख भाग - 

भारत की भोगोलिक सरंचना विविधताओ से भरी हुई है |

भारत की  भौगोलिक संरचना को 6 भागों में बाँटा जा सकता है:-

  1. उत्तरी हिमालय तथा उत्तर-पूर्वी  पर्वतमालाएँ
  2.  उत्तरी भारत का मैदान
  3. प्रायद्वीपीय पठार 
  4.  भारतीय मरुस्थल 
  5.  तटीय मैदान                          
  6. द्वीप समूह 

 

1. उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी पर्वतमालाएँ - NCERT Notes 

 हिमालय पर्वत श्रेणी:-

विस्तार:- पूर्व से पश्चिम लगभग 2500 किमी लंबाई, उत्तर से दक्षिण 160 से 400 किमी चौड़ाई।

उत्तर से दक्षिण मुख्य श्रेणियाँ:-

1.पार हिमालय/ट्रांस हिमालय:- 

  • काराकोरम श्रेणी
  • लद्दाख श्रेणी
  • जास्कर श्रेणी
  • कैलाश श्रेणी।
  • K-2 (8611 मी) काराकोरम श्रेणी में स्थित भारत की सबसे ऊँची चोटी है जो वर्तमान में POK  में है।

2.वृहत/हिमाद्रि हिमालय:- 

  • यह सबसे ऊँची श्रेणी। 
  • विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मी)और भारत की सबसे ऊँची चोटी कंचनजंघा (8586 मी) सिक्किम में स्थित है।

3.मध्य/लघु हिमालय:- 

  • इसे हिमाचल हिमालय भी कहते है
  •  औसत ऊँचाई 3700-4500 मी।

4.शिवालिक श्रेणी:- 

  • सबसे दक्षिणी और नवीनतम श्रेणी।
  •  औसत ऊँचाई 900-1200 मी।

 5.उत्तर-पूर्वी पहाड़ियाँ/पूर्वांचल : -

    मुख्य श्रेणियाँ:- 

  • पटकाई बुम
  • नागा पहाड़ी,
  • मिजो पहाड़ी।

 

हिमालय का महत्व:- (महत्वपूर्ण तथ्य (UPSC/SSC/REET/CTET/NET)

  • उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं से रक्षा करता है और दक्षिण-पश्चिम मानसून को रोककर वर्षा कराता है।
  • बारहमासी नदियों का स्रोत। हिमालय से बहने वाली नदियाँ अवसाद जमा करके उपजाऊ मैदान बनाती हैं।
  • प्राकृतिक रक्षा दीवार की भांति कार्य करता है
  • जलवायु और संस्कृति का विभाजक भी है

2.उत्तरी भारत का मैदान :-- UPSC Notes

  • सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेप से बना है।
  • पूर्व से पश्चिम लंबाई लगभग 3200 किमी उत्तर से दक्षिण  चौड़ाई 150 से 300 किमी तथा जलोढ़ की गहराई 1000 से 2000 मीटर तक।

👉उत्तर से दक्षिण विभाजन: -

1.भाबर :-

शिवालिक के गिरिपद के समानांतर 8 से 10 किमी चौड़ी पट्टी। यहाँ नदियाँ बड़े-बड़े पत्थर, गोलाश्म जमा कर देती हैं और लुप्त हो जाती हैं।

2.तराई:-

भाबर के दक्षिण में 10 से 20 किमी चौड़ा दलदली क्षेत्र। भाबर में लुप्त नदियाँ यहाँ पुनः प्रकट हो जाती हैं। यह क्षेत्र सघन वन और वन्य जीवों से भरा है।

3.जलोढ़ मैदान:

           इसके दो भाग हैं।

  • बांगर: पुराना जलोढ़ मैदान, ऊँचा भाग।
  • खादर: नया जलोढ़ मैदान, बाढ़ के मैदान। सबसे उपजाऊ मिट्टी।

 

  • गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी के मुहाने पर विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरबन डेल्टा है। इसका नाम सुंदरी वृक्ष के कारण पड़ा। रॉयल बंगाल टाइगर यहाँ का प्रमुख वन्य जीव है।

3. प्रायद्वीपीय पठार - NCERT Notes

सीमाएँ:- 

  • उत्तर-पश्चिम में अरावली-दिल्ली कटक
  • पूर्व में राजमहल की पहाड़ियाँ (झारखंड), 
  • पश्चिम में गिर पहाड़ियाँ (गुजरात) ,
  • दक्षिण में इलायची की पहाड़ियाँ(केरला)।
  • उत्तर-पूर्व में शिलांग का पठार (मेघालय) और कार्बी आंगलोंग पठार (सिक्किम) भी इसी का विस्तारित भाग है।

विशेषता:- 

  • प्रायद्वीपीय पठार प्राचीनतम और स्थिर भूखंड है  
  • अनेक पठारों से मिलकर बना है जैसे हजारीबाग, रांची, मालवा, कोयंबटूर, कर्नाटक पठार।

 

 👉प्रायद्वीपीय पठार के प्रमुख भाग:-

दक्कन का पठार:-

  • पश्चिम में पश्चिमी घाट, पूर्व में पूर्वी घाट, उत्तर में सतपुड़ा, मैकाल और महादेव पहाड़ियाँ तक विस्तार है

(1)पश्चिमी घाट:- 

  • पश्चिम घाट पूर्वी घाट से ऊँचे और अविच्छिन्न है
  • इनकी औसत ऊँचाई लगभग 1500 मी। 
  • पश्चिम घाट उत्तर से दक्षिण ऊँचाई बढ़ती है।
  • पश्चिम घाट की  सर्वोच्च चोटी अनाईमुड़ी(केरल)  ( 2695 मी) अन्नामलाई पहाड़ी में है
  • पश्चिम घाट की  दूसरी सबसे ऊँची चोटी डोडाबेट्टा (कर्नाटक) नीलगिरि पहाड़ी में स्थित है 

              (2)पूर्वी घाट:- 

  • पूर्वी घाट अविच्छिन्न और कम ऊँचे है  
  • मुख्य श्रेणियाँ: जावादी, पलकोंडा, नल्लामाला, वेलिकोंडा। 
  • पूर्वी घाट  की सर्वोच्च चोटी महेंद्रगिरि (उड़ीसा) है

मध्य उच्च भूमि:-

  • इसके उत्तर मे उत्तरी मैदान ,पश्चिम में अरावली, दक्षिण में सतपुड़ा नागपुर पठार है  
  • पूर्वी विस्तार राजमहल की पहाड़ियों तक।
  • दक्षिण में छोटा नागपुर पठार खनिज भंडार से समृद्ध है। इसकी औसत ऊँचाई 600 से 900 मी है।

पूर्वोत्तर पठार:- 

  • पूर्वोत्तर पठार हिमालय के निर्माण के समय मालदा भ्रंश के कारण मुख्य पठार से अलग हो गया।

·         👉मालदा भ्रंश :  इसे ”राजमहल –गारो गैप” भी खा जाता है ।

§  यह भारत के भू-भाग में एक बहुत बड़ी भूगर्भीय दरार है ।

§  यह मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के मालदा क्षेत्र में स्थित है ।

§  जब इंडियन प्लेट यूरेशियाई प्लेट की और खिसक रही थी तब भरी तनाव के कारण यहाँ की जमींन धंस गयी और एक गहरी खायी बन गयी ।

§  यह भ्रंश छोटा नागपुर का पठार (राजमहल की पहाड़ियां ) को उत्तर –पूर्व के मेघालय के पठार(गारो पहाड़ियों) से अलग करता है ।

§  बाद में गंगा व् ब्रह्मपुत्र नदी द्वारा लायी गयी मिटटी से भर जाने से बंगाल का मैदान बन गया है ।

👉मेघालय पठार के 3 भाग: 

(1)गारो  (2)खासी  (3)जयंतिया पहाड़ियाँ। 

  • असम में कार्बी आंगलोंग पहाड़ियाँ पाई जाती है  
  • यहाँ कोयला, लौह अयस्क, सिलिमेनाइट, चूना पत्थर, यूरेनियम मिलते हैं। 
  • चेरापूंजी और मासिनराम ( मेघालय) विश्व में सर्वाधिक वर्षा वाले स्थान हैं। अत्यधिक वर्षा के कारण यह क्षेत्र अनाच्छादित पठार बन गया है।

4. भारतीय मरुस्थल - NCERT Notes

  • भारतीय मरुस्थल अरावली पहाड़ियों के पश्चिम में  स्थित है  राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा में फैला है। थार का मरुस्थल कहलाता है।
  • भारतीय मरुस्थल उष्ण और शुष्क मरुस्थल है
  • अनुदैर्ध्य बालुका स्तूप/रेतीले टीले जिन्हें बरखान कहते हैं, पाए जाते हैं।
  • आकल वुड फॉसिल पार्क में 18 करोड़ वर्ष पुराने काष्ठ जीवाश्म और जैसलमेर के पास ब्रह्मसर में समुद्री निक्षेप मिलते हैं, जो सिद्ध करते हैं कि यह पहले समुद्र का हिस्सा था।

भारतीय मरुस्थल को ढाल के आधार पर 2 भाग मे बांटा जा सकता है :-

    1.उत्तरी भाग:- सिंधु की ओर ढाल वाला।

    2. दक्षिणी भाग:-कच्छ के रन की ओर ढाल वाला।

  • अधिकांश नदिया अल्पकालिक है। लूनी नदी दक्षिणी भाग की महत्वपूर्ण नदी है। नदियाँ थोड़ी दूर बहकर मरुस्थल में विलुप्त हो जाती हैं।
  • प्लाया झील:- खारे जल की झीलें जिनसे नमक बनाया जाता है, जैसे सांभर झील।

5.तटीय मैदान - NCERT Notes

भारत के तटीय मैदान को  2 भागों में बाँटा जा सकता हैं:-

 

(I ) पश्चिमी तटीय मैदान

  • यह जल निमग्न  तटीय मैदान का उदाहरण है पौराणिक शहर द्वारका का जल में डूबना इसका प्रमाण है।
  • पश्चिमी तटीय मैदान संकीर्ण पट्टी है
  • पश्चिमी तट प्राकृतिक बंदरगाहों के विकास के लिए उपयुक्त।
  • प्रमुख बंदरगाह:- कांडला ( गुजरात ), मुंबई (महाराष्ट्र), न्हावा शेवा(महाराष्ट्र),, मर्मागांव(गोवा), न्यू मैंगलोर (कर्नाटक), कोच्चि(केरल)
  • पश्चिमी तट  को उत्तर से दक्षिण निम्न नामों से जाना जाता है:-

    1. गुजरात: कच्छ और काठियावाड़ तट

    2. महाराष्ट्र-गोवा: कोंकण तट

    3. कर्नाटक: कन्नड़ तट

    4. केरल: मालाबार तट

  • कयाल(Backwater)मालाबार तट की विशेष झीलें है यह मछली पकड़ने, अंतर्देशीय नौकायन और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है  
  • केरल में पूनमदा कयाल में नेहरू ट्रॉफी वल्लमकली नौका दौड़ होती है।

 

पूर्वी तटीय मैदान:-

  • पूर्वी तट उथले तट का उदाहरण है
  • पूर्वी तट पश्चिमी तट से चौड़ा है बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ बड़े-बड़े डेल्टा बनाती हैं।
  • पूर्वी तट महाद्वीपीय शेल्फ की चौड़ाई 500 किमी तक होने के कारण प्राकृतिक बंदरगाह कम हैं।
  • प्रमुख बंदरगाह:- चेन्नई(तमिलनाडु), एन्नोर(तमिलनाडु), विशाखापट्टनम(आद्रप्रदेश) , पारादीप(उड़ीसा), हल्दिया, कोलकाता (. बंगाल )
  • पूर्वी  तट  को निम्न नामों से जाना जाता है:-

    1. तमिलनाडु का तट तमिलनाडु 

    2. उतरी सरकार तट उड़ीसा 

6. द्वीप समूह -NCERT Notes

भारत में 2 प्रमुख द्वीप समूह हैं:-

                             (i)अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (ii)लक्षद्वीप समूह

(i)अंडमान-निकोबार द्वीप समूह:-

  • यह बंगाल की खाड़ी में 6°45' उत्तर से 14° उत्तर अक्षांश और 92° पूर्व से 94° पूर्व देशांतर के बीच।
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह मे कुल लगभग 572 द्वीप है
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह मे रिची द्वीपसमूह और लैबिरिन्थ द्वीप मुख्य द्वीप समूह है  
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को उत्तर में अंडमान, दक्षिण में निकोबार मे बाँट सकते है।
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह  के अँधिकाश द्वीप जलमग्न पर्वत श्रृंखलाओं का हिस्साहै तथा कुछ द्वीप ज्वालामुखी निर्मित हैं।
  • बैरन द्वीप भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी, अंडमान में स्थित है।
  • इंदिरा पॉइंट:-भारत का दक्षिणतम बिंदु 6°45' उत्तर अक्षांश पर, ग्रेट निकोबार में स्थित है। यह 26 दिसंबर 2004 की सुनामी में यह जलमग्न हो गया था।

 

(ii)लक्षद्वीप समूह:-

 

  • लक्षद्वीप समूह अरब सागर में उत्तर से 12° उत्तर अक्षांश और 71° पूर्व से 74° पूर्व देशांतर के बीचस्थित है 
  • लक्षद्वीप समूह प्रवाल द्वीप  समूह है।
  • लक्षद्वीप समूह मे  36 द्वीप है , जिनमें से 11 पर मानव आवास है।

👉इस प्रकार ये भारत की भौगोलिक संरचना तथा भू - आकृति विज्ञान से संम्बधित  ये  नोट्स - Class 11 NCERT Geography  पर आधारित है |  ये नोट्स सभी प्रतियोगी परीक्षाओ UPSC, SSC, CTET, REET, LECTURER, NET आदि के लिये अत्यंत  उपयोगी है |

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